Anulom Vilom Kaise Kare in hindi-आलोम विलोम कैसे करें ?

Anulom Vilom Kaise Kare in hindi-आलोम विलोम कैसे करें

 

 

Anulom Vilom Kaise Kare in hindi: योग और प्राणायाम अच्छी सेहत पाने के साथ साथ कई रोगो के इलाज में भी असरदार है . अनुलोम विलोम अगर नियम के अनुसार हर रोज किया जाये तो शरीर की सभी नाडिया स्वस्थ रहती है . पर अगर प्राणायाम करने का सही तरीका ना पता हो तो फायदे की जगह नुकसान होने की सम्भावना भी होती है . इस प्राणायाम में नाक से सांस लेने और छोड़ने की विधि को बार बार किया जाता है और हर उम्र का व्यक्ति इसे कर सकता है . आज इस लेख में हम जानेंगे अनुलोम विलोम कैसे करते है इसे कब और कितनी देर करना चाहि।

 

 

अनुलोम विलोम करने के नियम

 

  • मन  को  शांत  रखे  और  किसी  भी  तरह  का  मानसिक  तनाव  ना  ले . 
  • अनुलोम  विलोम  करने  का  सबसे  अच्छा  समय  सुबह  का  होता  है . 
  • सुबह  पेट  साफ़  करने  के  बाद  ही  इस  प्राणायाम  करना  चाहिए . 
  • प्राणायाम  और  योग  करने  से  पहले  और  कुछ  देर  बाद  कुछ  न  खाये . 
  • 30 मिनट  पहले  पानी  पी  सकते  है  पर  पेट  भर  पानी  न  पिए . 
  • अगर  कुछ  खा  लिया  है  तो  इसके  4 घंटे  बाद  ही  इस  योग  को  करे . 

  

 

 

 

अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करे सही तरीका

 

1. Anulom vilom करने के लिए किसी खुली हवादार जगह पर बैठ जाये जहा natural हवा आती हो . अब अपनी कमर , सर और चेहरा सीधा करते हुए अपनी आँखे बंद करे और मन को शांत रखे .

 

2. इस  प्राणायाम  में  पहले  अपने  right hand  के  अंगूठे  से  अपनी  नाक  की  right side का  नथुना  बंद  करे  और  left side से  धीरे  धीरे  सांस  ले  और  मन  में  5 तक  गिने . 

 

3. अब अपने right hand की 4th finger से left side के नथुने को बंद करे और right side के नथुने से धीरे धीरे सांस छोड़े . इस विधि में अपने left hand को left घुटने पर रखे .

 

4. आप अब right side के नथुने से सांस ले और left side से सांस छोड़े . (इस विधि में दायी नाक बंद करके बाए से धीरे धीरे सांस ले और दाए नाक से छोड़े , फिर दाए से सांस ले और बाए से छोड़े .)

 

 

5. जितना time सांस लेने में लगाए उतना ही time सांस छोड़ने में लगाए . एक बार में सांस लेने और छोड़ने में कम से कम 5 second का समय जरूर ले .

 

6. कुछ लोग टाइम कम होने की वजह से जल्दी जल्दी सांस लेने और छोड़ने लगते है जो करना ठीक नहीं है . इस प्राणायाम को इतना आराम से करे की आप को अपनी सांस की आवाज भी न आये .

 

7. जो लोग खून की कमी और कमजोरी से परेशान है उन्हें अनुलोम विलोम करते समय सांस लेने और छोड़ने में सावधानी रखनी चाहिए .

 

8. अक्सर कुछ लोगो का सवाल होता है की क्या अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से पहले कुछ खा पी सकते है . इसका जवाब है नहीं . योग और प्राणायाम करने से पहले और 30 minute बाद तक कुछ न खाये .

 

9. आप घर बैठे बाबा रामदेव अनुलोम विलोम कैसे करते है वीडियो देख कर भी इसे करने का सही तरीका सीख सकते है .

 

10. High blood pressure, low blood pressure और हृदय के रोगी को किसी योग गुरु की देख रेख में ही इस प्राणायाम को करना चाहिए .

 

अनुलोम विलोम के फायदे

 

  • इस  प्राणायाम  से  शरीर  की  सभी  नाडिया शुद्ध  होती  है  इसलिए  इसे  नाड़ी  शोधन  प्राणायाम  भी  कहते  है . 
  • वात , पित  और  कफ  के  रोगो  को  ठीक  करने  और  जोड़ो  का  दर्द , सूजन  और  गठिया  के  उपचार  में  मदद  मिलती  है . 
  • इस  योग  को  हर  रोज  करने  से  आँखों  की  रौशनी  बढ़ती  है , blood circulation अच्छा  होता  है  और  अनिद्रा  के  रोग  में  भी  लाभ  मिलता  है . 
  • Migraine के  रोग  में  भी  इस  योग  से  benefit मिलता  है .सर्दी  जुकाम  और  दमा  के  रोग  में  लाभ  मिलता  है . लिवर  की  कमजोरी  दूर  होती  है . 

 

 

 

अगर आपको गुस्सा आता है , याददाश्त कमजोर है तो नियमित रूप से अनुलोम विलोम करे .

 

 

अनुलोम विलोम में सावधानी

 

  • अनुलोम  विलोम  को  खाली  पेट  ही  करे . 
  • शाम  को  करना  है  तो  ध्यान  रखे  खाना  खाये  3 से  4 घंटे  हो  गए  हो . 
  • इस  प्राणायाम  को  जोर  लगा  कर  तेज  गति  से  ना  करे . 
  • योग और प्राणायाम करने के तुरंत बाद नहीं नहाने चाहिए .

 

सांस  के  किसी  भी  रोग  में  इस  क्रिया  को  करने  से  पहले  किसी  योग  expert की  सलाह  जरूर  ले . 

 

 

दोस्तों anulom vilom kaise kare in hindi का ये लेख कैसा लगा हमें बताये और अगर आपके पास बाबा रामदेव योग अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करे ?, करने का सही समय , फायदे और नुकसान से जुड़े सुझाव है तो हमारे साथ शेयर करे .

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